Tuesday 15 June 2010

सत्यमेव जयते या शक्तिमेव जयते

सत्यमेव जयते या शक्तिमेव जयते- सत्य की विजय होती है या शक्ति की ? क्या कमजोर सत्य शक्तिशाली असत्य के विरुद्ध युद्ध में विजयी हो सकता है ? क्या सत्य के विजयी होने के लिए उसका सिर्फ सत्य होना काफी है? क्या सत्य सदैव विजयी होता है? आखिर सत्य क्या है इसका फैसला किस प्रकार होगा ? वास्तविक जीवन में क्या सिर्फ सत्य विजयी होता है या शक्तिशाली असत्य विजयी होता है? क्या है वास्तविक जीवन की सच्चाई? जहाँ तक मेरी दृष्टि जाती है, वहां तक मुझे 'शक्तिमेव जयते ' ही वास्तविक जीवन की सच्चाई प्रतीत होती है । वास्तव में जीवन का सबसे बड़ा सत्य तो यही है की वो व्यक्ति को पल-पल ये सन्देश देती है की अपनी शक्ति को बढाओ, समर्थ बनो, किसी भी प्रकार की कमजोरी को प्रश्रय न दो- क्लैव्यम मा स्म गमः पार्थ । समरथ को नहीं दोष गुसाईं । वीर भोग्या वसुंधरा । प्रकृति सदैव शक्ति को प्रश्रय प्रदान करती है। शक्तिशाली का पक्ष लेती है कमजोर का नहीं । प्रश्न यहाँ सत्य असत्य का कभी पैदा नहीं होता । प्रश्न शक्ति-अशक्ति का पैदा होता है । यदि आप शक्तिशाली हैं तो विजयी होंगे ,कमजोर हैं तो पराजित होंगे-फिर चाहे वो व्यक्ति हो या राष्ट्र? प्रत्येक व्यक्ति और प्रत्येक राष्ट्र को अपनी मजबूती की कीमत मिलती है व अपनी कमजोरी की कीमत चुकानी पड़ती है। Every person n every nation gets the 'prize' for its strength and pays the 'price' for its weakness.
भारत में आदर्शवाद की धुंध इतनी छाई हुई है की वो यथार्थ का सामना ही नहीं करना चाहती। आदर्शवाद के नाम पर वो अपनी कमजोरियों को ढके हुए बैठी है व अपनी कमजोरियों को दूर करना भी नहीं चाहती।

3 comments:

  1. Pyare chhote bhai, aapke blog satyamevjayte ya shaktimev jayte padhne k baad laga ki satya se badhkar shakti ka saamna aapne apne jeevan me awashya hi kiya hoga ya phir is disha me aapki gahri anubhuti hogi. aise blog nischay hi samaj ko jhakjhorne k liye paryapt hai.aapke is blog se agar ek bhi vyakti shakti ko parabhav karne k liye wa satya k punarsthapan k liye aage aata hai to aapka blog sarthak hoga. mujhe to prerna awashya mili aur maine nischay kiya ki kabhi bhi shakti k aage nahi jhukunga. itne sundar blog k liye hardik dhanyawaad. aap apni blog nirantar jaari rakhen. aapka agraj- HARISINGH KSHATRI

    ReplyDelete
  2. swagat. blog ka post diary ke panno se thoda adhik khula hua ho to sahaj aur adhik pathaniya ho sakta hai. shaktishali vicharo ke sath aane ki badhai. vinamrata bhi ek shakti hai. sneh, sadbhav, sajjanata, ahimsa aur kabhi kabhi maun bhi shakti hai. shakti ka matlab sirf jabarpeli manane wale aksar kamjor sabit hote hai. baharhal, phir se swagat aur punah badhai.

    ReplyDelete
  3. bahut accha...badhai........gendlal shukla

    ReplyDelete